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सही मायने में मज़दूरों के मशीहा थे रतिलाल– चंपई सोरेन Ratilal was truly the Messiah of the workers – Champai Soren


ऊपरबेड़ा मैदान में मजदूर नेता रतिलाल महतो की 75वीं जयंती पर दी गई श्रद्धांजलि
गम्हरिया : रतिलाल महतो की कुर्बानी को सदियों तक भुला पाना सम्भव नही है। उनके संघर्ष और बलिदान की गाथाएं आने वाली पीढ़ी भी याद रखेगी। सही मायने में वे मजदूरों के मशीहा थे। मज़दूरों के अधिकार हक के लिए रतिलाल लड़ते रहे। कई बार उन्हें जेल भी जाना पड़ा लेकिन उन्होंने अपना आंदोलन जारी रखा। उनके बताए रास्ते पर चलकर गरीब मज़दूरों और असहाय लोगों की सेवा व मदद करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। शहीद रतिलाल महतो की 75वीं जयंती समारोह के अवसर पर गम्हरिया के ऊपरबेड़ा मैदान में उनके समाधि स्थल पर आयोजित एक कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित राज्य के आदिवासी कल्याण सह परिवहन मंत्री चंपई सोरेन ने उपरोक्त बातें कही। इससे पूर्व उन्होंने स्व0 रतिलाल की आदमकद प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित किया। इस मौके पर उन्होंने केंद्र सरकार को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि केंद्र की मोदी सरकार अन्नदाताओं को पूंजीपतियों के हाथों की कठपुतली बनाना चाहती है। इसी प्रकार वाहन चालकों के लिए भी काला कानून लाकर उनके निवाले को छीनना चाहती है। शहीद रतिलाल महतो स्मृति रक्षा समिति की ओर से आयोजित उंक्त कार्यक्रम के मौके पर झामुमो जिलाध्यक्ष डॉ0 शुभेंदु महतो, जिला उपाध्यक्ष अमृत महतो, प्रखंड अध्यक्ष जगदीश महतो, अविनाश सोरेन, वासुदेव महतो, महावीर मुर्मू, डब्बा सोरेन, सरोज मुखर्जी, समिति के अध्यक्ष वीरेंद्र महतो, शत्रुघ्न महतो समेत काफी संख्या में झामुमो नेता, समिति के सदस्य व स्थानीय ग्रामीण उपस्थित थे।
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