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जादूगोड़ा व मुसाबनी वन क्षेत्र के सीमा बॉर्डर पर हाथियों ने डाला डेरा Elephants camped on the border of Jadugora and Musabani forest area

राखा माइंस वन क्षेत्र के वन कर्मियों ने पेट्रोलिंग गश्ती बढ़ाई, बांटे  पटाखे, टॉर्च व मशाल
जादूगोड़ा : राखा माइंस( जादूगोड़ा) व मुसाबनी वन क्षेत्र के सीमा बॉर्डर  मसलन कोतोपा, पाटकीता जंगल की तलहटी पर आधा दर्जन हाथियों ने डेरा जमाए रखा है। इससे ग्रामीणों में दहशत व्याप्त है। इधर हाथी व ग्रामीणों के बीच टकराव को टालने व वन क्षेत्र के लोगो का हौसला अफजाई को लेकर राखा माइंस वन क्षेत्र पदाधिकारी विमद कुमार की पहल पर क्षेत्र के वन रक्षी की ओर से शाम ढलते ही पेट्रोलिंग गश्ती में निकल पड़े है। ग्रामीणों की हौसला बढ़ाने को लेकर वन कर्मी गांव के जगलो में चौपाल लगाकर रात्रि बिता रहे है ताकि ग्रामीणों की जान-माल समेत हाथियों को किसी प्रकार के नुकसान से बचाया जा सके  वही ग्रामीणों की जान-माल की रक्षा व हाथियों को भागने के लिए विभाग की ओर से फटाखे, टॉर्च व मसाल बाटी जा रही है।आज रविवार को राखा माइंस वन क्षेत्र ( जादूगोड़ा ) पाटकीता के ग्रामीणों के बीच टॉर्च का वितरण किया गया। इसी तरह कुमिरमुड़ी में  तीन मशाल, चापड़ी में टॉर्च समेत केंदाडीह  क्षेत्र के जानेगोडा व लेटो गोग में मुसावनी में बीडीओ विजय कुमार महतो के पहल पर पटाखे ग्रामीणों को सौंपी गई।इस गश्ती दल में  प्रभारी वन पाल विश्वजीत महापात्र, वन रक्षी किशोर सोरेन व दीपक महतो शाम ढलते ही जंगलों की ओर निकल पड़ते हैं व देर पूरी रात गांव वालों के बीच बिताते हैं ताकि ग्रामीणों का हौसला बने रहे। इस दौरान हाथियों के आमने-सामने होने पर उनके रास्ते को बदला जा सके या गांव में हाथी के प्रवेश पर फटाखे का सहारा लेकर हाथियों  को वापस जंगलों की ओर मूव किया जा सके।वन विभाग की इस पहल से ग्रामीणों में हर्ष है तथा इस रोजाना रात्रि पेट्रोलिंग से हाथियों के आतंक  व भय के माहौल से मुक्ति मिली है।
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