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कचरों की अंबार और जर्जर शेड से परेशान हैं कांड्रा हाट बाजार के दुकानदार, कभी भी बड़ी दुर्घटना की सम्भावना Shopkeepers of Kandra Haat market are troubled by the pile of garbage and dilapidated shed


गम्हरिया(Gamharia) : गम्हरिया प्रखंड के कांड्रा स्थित
हाट-बाजार परिसर कचरों में तब्दील होता जा रहा है। इस कारण लोग उंक्त हाट बाजार परिसर में जाने से भी कतराने लगे हैं जिसका खामियाजा वहां के दुकानदारों को भुगतना पड़ रहा है। बताया गया है कि झारखंड सरकार द्वारा जबसे ग्रामीण बाजारों में मासुल लेने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है, तबसे लगभग सभी हाट-बाजारों की यही स्थिति है। साफ सफाई नहीं होने से वहां कचरों का अम्बार लग गया है। इसकी साफ सफाई में ना तो जिला प्रशासन और ना तो स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों ने अबतक कोई कदम उठाया है और ना ही इस ओर किसी का ध्यान अभी तक गया है। यहां तक कि केंद्र सरकार द्वारा चलाए गए स्वच्छता पखवाड़ा के दौरान इस ओर किसी का ध्यान दिया। फलस्वरूप, सफाई नहीं होने से कांड्रा हाट बाजार परिसर में कई स्थानों पर कचड़ों का ढेर जमा है। उन कचड़ों के दुर्गंध आने के कारण बाजार परिसर में फुटपाथ पर दुकान लगाने वाले सब्जी विक्रेताओं को भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।


इसके अलावा कांड्रा हाट बाजार में करीब 40 वर्ष पूर्व बनाया गया शेड भी अत्यंत जर्जर अवस्था में है जिसके नीचे महिलाएं चूड़ियां बेचती हैं और कई सब्जी विक्रेता वहीं प्रतिदिन अपनी दुकान लगाते हैं। किन्तु, शेड की यह स्थिति है कि कभी भी वह टूटकर गिर सकती है जो बड़ी दुर्घटनाओं को आमंत्रित कर रही है। उंक्त परिसर में सप्ताह में दो दिन हाट लगता है जिसमे कांड्रा समेत सात-आठ पंचायत से हजारों लोग खरीदारी करने के लिए आते हैं। इससे हमेशा दुर्घटना होने की आशंका बनी रहती है। स्थानीय समाजसेवियों द्वारा कई बार इसकी जानकारी प्रशासनिक अधिकारियों समेत बाजार समिति को दी गई। किन्तु, बाजार समिति में फंड उपलब्ध होने के बावजूद इस शेड की ना तो मरम्मत कराई जा रही है और ना ही परिसर की सफाई पर ध्यान दिया जा रहा है। समाजसेवी प्रकाश कुमार राजू ने बताया कि इस गम्भीर मुद्दे को लेकर वे बुधवार को राज्य के कृषि मंत्री मंत्री बादल पत्रलेख से मिलकर उन्हें इस समस्या से अवगत कराया जाएगा।
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