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इंतजार कि घड़ियां खत्म, मौत के मूंह से निकल कर झारखंड के लिए रवाना हुए पन्द्रह श्रमवीर The hours of waiting are over, fifteen laborers escaped from the clutches of death and left for Jharkhand

बधाई के पात्र हैं झारखंड श्रम विभाग के अधिकारी
रांची (विशेष संवाददाता) : उत्तराखंड के उत्तरकाशी सुरंग में फंसे पन्द्रह श्रमवीर अपने परिजनों एवं श्रम विभाग के पदाधिकारी, जैप आईटी के सीईओ भुवनेश प्रताप सिंह, संयुक्त श्रमायुक्त राकेश प्रसाद, संयुक्त श्रमायुक्त राजेश प्रसाद आदि के साथ शुक्रवार को दिल्ली इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से सन्ध्या छह बजे हवाई जहाज से झारखंड के लिए रवाना हो गए हैं। कुछ ही पल के बाद रात्रि रांची स्थित बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पहुंचगें और उन्हें वहां से स्वागत के लिए मुख्यमंत्री आवास ले जाया जाएगा जहां झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सभी श्रमवीरों का स्वागत करेंगे व उन्हें सौगात देकर बधाई देंगे। इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में सबसे बड़ी बात यह है कि सबसे अहम भूमिका में झारखंड सरकार के श्रम नियोजन प्रशिक्षण कौशल विकास विभाग के पदाधिकारियों का रहा है और बधाई के पात्र हैं। विभाग के सचिव राजेश कुमार शर्मा, जिनके सार्थक प्रयास एवं सुझबुझ से उन्होंने अपनी निगरानी में मजदूरों को बचाने एवं सुरक्षित रखने के लिए लगातार हर संभावना व उचित व्यवस्था पर ध्यान रखे हुए थे। वे हर दिन मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से आवश्यक निर्देश लेकर आप्रेशन रेस्क्यू में शामिल श्रम विभाग के कर्मवीर पदाधिकारियों को मार्गदर्शन करते रहे। राज्य सरकार को चाहिए कि श्रम विभाग के उत्तरकाशी टनल रेसक्यू ऑपरेशन में लगातार शामिल रहे सचिव के साथ तीन कर्मवीर पदाधिकारियों को अवश्य सम्मानित करें जिनके कारण सभी श्रमवीरों को सकुशल झारखंड वापस लाने में सफलता मिली।
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