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चित्रगुप्त महासमिति गम्हरिया की ओर से 139वीं जयंती पर देशरत्न राजेंद्र प्रसाद को दी गई श्रद्धांजलि Chitragupta Mahasamiti Gamhariya paid tribute to Deshratna Rajendra Prasad on his 139th birth anniversary

डॉ. राजेन्द्र प्रसाद को श्रद्धांजलि देते चित्रांश
गम्हरिया : चित्रगुप्त महासमिति की ओर से समारोह आयोजित कर देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ0 राजेंद्र प्रसाद की 139वीं जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। बड़ा गम्हरिया के चित्रगुप्त भवन में अयोजित इस समारोह में उपस्थित चित्रांशों ने सर्वप्रथम उनके चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए नमन किया। इस दौरान राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को भी श्रद्धासुमन अर्पित की गई। समारोह की अध्यक्षता करते हुए समिति के उपाध्यक्ष कृष्ण मुरारी श्रीवास्तव ने उनकी जीवनी पर प्रकाश डालते हुए कहा कि राजेन्द्र बाबू भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के महान नेताओं में से एक थे। उन्होंने गांधीजी के साथ मिलकर ब्रिटिश शासन के खिलाफ लगातार संघर्ष किया। साथ ही उन्होंने विभाजन पर नहीं एकता पर जोर दिया और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष के रूप में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई। वहीं, स्वतंत्रता के बाद भारतीय संविधान के निर्माण में भी उन्होंने अहम योगदान दिया। उनकी नेतृत्व में संविधान सभा ने एक संविधान तैयार किया जो भारतीय लोकतंत्र की आधारशिला बना। समारोह को सम्बोधित करते हुए समिति के महासचिव संजय कुमार वर्मा ने कहा कि राजेन्द्र बाबू भारतीय गणराज्य के पहले राष्ट्रपति के रूप में देश को नेतृत्व प्रदान किया। अपने कार्यकाल में वे राष्ट्रीय एकता और सामाजिक समृद्धि के लिए प्रयास करते रहे। उनके नेतृत्व में देश ने अपने नागरिकों के माध्यम से अपने विकास की दिशा में कई कदम बढ़ाए। इसलिए उन्हें देशरत्न की उपाधि से सम्मानित किया गया इस मौके पर समिति के कोषाध्यक्ष अभय लाभ, वायके सिन्हा, कौशल किशोर सहाय, पूर्व अध्यक्ष रत्नेश्वर सहाय, मनोज कुमार कर्ण, केके सिन्हा, मुकेश श्रीवास्तव, महेश कुमार, देवव्रत कुमार, राजेश कुमार सिन्हा समेत काफी संख्या में चित्रांश उपस्थित थे।
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