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कुलुपटांगा घाट में डूबने से मार्ग संख्या 11निवासी 23 वर्षीय युवक कुंदन कुमार शुक्ला की मौत 23 year old youth Kundan Kumar Shukla, resident of route number 11, died due to drowning in Kulupatanga Ghat

कुंदन कुमार पांडे (फ़ाइल फ़ोटो)
छठ कर रही मां का उजड़ा कोख, परिजनों समेत जनता फ्लैट में पसरा मातम
आदित्यपुर : आखिरकार अवैध बालू खनन माफिया के कारण कुलुपटांगा छठ घाट पर छठ के दिन ही एक मां का कोख उजड़ ही गया। आरआईटी थाना क्षेत्र अंतर्गत पड़ने वाले उक्त छठ घाट में आदित्यपुर दो के मार्ग संख्या 11 स्थित जनता फ्लैट निवासी रवींद्र पांडे के 23 वर्षीय पुत्र कुंदन कुमार पांडेय की नदी में डूबने से मौत हो गई। घटना रविवार की दोपहर करीब 12 बजे की बताई गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार युवक अपने कुछ दोस्तों के साथ  कुलुपटांगा स्थित छठ घाट पर घाट बनाने गया था। घाट बनाने के उपरांत अपने दोस्तों के साथ वह नदी में स्नान करने लगा। इसी क्रम में वह गहरे पानी में चला गया। जबतक उसके दोस्त कुछ समझते वह डूबने लगा। उसके दोस्तों द्वारा कुंदन को बचाने का काफी प्रयास किया गया किन्तु सभी असफल रहे। उक्त घाट पर गोताखोर उपलब्ध नहीं रहने के कारण मौके पर मौजूद छठ पूजा कमेटी के लोगो द्वारा कुछ स्थानीय युवकों की मदद से युवक को नदी में खोजकर बाहर निकाला गया लेकिन तबतक काफी देर हो चुकी थी। मौके पर पहुंचे आरआईटी थाना प्रभारी सागर लाल महथा के साथ पूजा कमेटी के लोग युवक को लेकर टीएमएच ले गए लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी जहां चिकित्सको ने युवक को मृत घोषित कर दिया। युवक की मौत की खबर सुनते ही उसके परिवार में कोहराम मच गया। वहीं, पूरे कॉलोनी परिसर में मातम छा गया।

तीन बहनों में इकलौता भाई था मृतक कुंदन
मृतक कुंदन की मां छठ कर रही थी। पुत्र छठ घाट को बनाने गया था, इधर मां छठ घाट जाने के लिए दौरा सजा रही थी। इसी बीच घर में पुत्र की मौत की बुरी खबर आने से खुशी मातम में बदल गया। उसके पिता रविंद्र पांडे पेशे से पुजारी है। कुंदन सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहा था। वह तीन बहनों के बीच इकलौता भाई था।


पुत्र के शव पर रोती विलखती मां
बताया जाता है कि इस घाट पर बीते करीब एक वर्ष से माफियाओं द्वारा   लगातार अवैध रूप से बालू का उत्खनन किया जा रहा है। बालू उत्खनन के कारण नदी में जगह जगह बड़ा गड्ढा बन गया है। छठ पर्व को लेकर नदी में पानी छोड़ा गया था जिससे उसका जलस्तर बढ़ गया है। उस बाबत जिला प्रशासन के अधिकारियों को भी स्थानीय लोगों द्वारा पूर्व में अवगत कराया गया था। किंतु, उनके द्वारा किसी प्रकार का ध्यान नहीं दिए जाने के फलस्वरूप अब यह घटना हुई जिसमें एक मां का कोख उजड़ गया जबकि एक पिता के बुढांपे की लाठी टूट गई।


बाईट- पुरेन्द्र नारायण सिंह, पूर्व नप उपाध्यक्ष
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